सगमा - चतरा जिला अन्तर्गत पत्थरगडा थाना क्षेत्र के दूम्वी गांव निवासी पत्रकार चन्दन तिवारी को अज्ञात अपराधियों द्वारा पिछले मंगलवार को अपहरण कर बेरहमी से फिट पिटकर निर्मल हत्या किए जाने के विरोध में सगमा प्रखंड के पत्रकार संघ के लोगों ने गुरुवार को कला विला लगा कर विरोध जताया


फोटो - कला विला लगा कर विरोध जताने सगमा पत्रकार संघ के लोग
सगमा - चतरा जिला अन्तर्गत पत्थरगडा थाना क्षेत्र के दूम्वी गांव निवासी पत्रकार चन्दन तिवारी को अज्ञात अपराधियों द्वारा पिछले मंगलवार को अपहरण कर बेरहमी से फिट पिटकर निर्मल हत्या किए जाने के विरोध में सगमा प्रखंड के पत्रकार संघ के लोगों ने गुरुवार को कला विला लगा कर विरोध जताया
स्व प्रथम सभी पत्रकार संघ के लोगों ने दो मिनट का मौन धारण कर मृत आत्मा को शांति प्रदान करने का कमना भगवान से किया मौके पर पुष्पेन्द्र दुबे व आशिष कुमार यादव ने कहा कि जहां पत्रकार देश के चौथे स्तम्भ होते है उसी चौथे स्तम्भ को निर्मम हत्या होना लोक तंत्र की हत्या है।समाज की हक हुक़ूक़ के साथ देश की आजादी की हिफाज़त करने वाले कलम की सिपाही को संज्ञा दी जाती रही है। लोकतंत्र में डरा हुआ पत्रकार मरा हुए नागरिक को जन्म देता है। आजाद भारत मे चतरा जिला के दो पत्रकारों की हत्या से पत्रकारिता पर कोई दुषप्रभाव पड़ने वाला नहीं है। क़ानून के मुहाफ़िज़ अपनी दायित्वों का निर्वाहन करती रहेगी । यह उनकी अपनी जिम्मेदारी है।पत्रकार देश और समाज के कामों को अंजाम देते रहेंगे यह पत्रकारों की अपनी जिम्मेदारी है। जैसे अपराधियों , उग्रवादियों , आंतकवादियों और तस्करों समेत सबकी बातों और कारनामों से जनता को अवगत कराने का बीड़ा पत्रकार उठाए हुए हैं।अपनी सुरक्षा को लेकर गुहार लगाने वाले दूसरे की सुरक्षा मे सहयोग नहीं कर सकते हैं इन कलम के सिपाहीयों ने दुसरे के सुख दुख में साथ देने का काम करते है लेकिन ईन्ही पत्रकारों को कोई देखने वाला नहीं है जो आज सभी पत्रकार अपने आप को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं निष्पक्ष खबर प्रकाशित करने वाले कलम के सिपाहीयों को मौत की घाट उतारा जा रहा है इस मौके पर पत्रकार बिपुल दुबे सुनिल कुमार राजुरजन कुमार श्याम बचन यादव श्रीकांत �

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