मेराल : भवनाथपुर रेलमार्ग पर जर्जर व झाड़ी लगे ट्रैक पर दौड़ती मालगाड़ी का इंजन सोमवार को बेपटरी हो जाने से एक बड़ा रेल हादसा टल गया। घटना में मेराल से भवनाथपुर लूप लाईन पर जा रही मालगाड़ी का इन्जन राजहरा क्रासिंग के पास पटरी से उतर गया। जिससे बंका-मेराल मुख्य पथ का आवागमन करीब 5 घंटा बाधित रहा। रेलवे ट्रैक से इंजन उतरने की जानकारी मिलने पर स्टेशन मास्टर निरंजन मिंज ने अधिकारियों को इसकी सूचना दी तथा अन्य रेलवे कर्मियों के साथ घटनास्थल पर पहुंचकर मरम्मत का कार्य शुरू करवाया। करीब 6 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद इंजन को ट्रैक पर चढ़ा लिया गया तथा पटरी को भी दुरुस्त कर लिया गया। स्टेशन मास्टर के अनुसार यह रेलवे ट्रैक सेल का है जिसका मरम्मती तथा देखरेख भी सेल के जिम्मे ही है। इस रेलवे ट्रैक पर प्रतिमाह भवनाथपुर से चूना पत्थर का करीब चार-पांच रैक लोडिंग होता है। जिससे रेलवे को करीब 2 करोड रुपए का आमदनी होता है। परंतु रेलवे ट्रैक की स्थिति खस्ता हाल है, अगर इसका मरम्मती सही ढंग से नहीं कराया गया तो आने वाला समय में बड़ा हादसा हो सकता है।
मेराल : भवनाथपुर रेलमार्ग पर जर्जर व झाड़ी लगे ट्रैक पर दौड़ती मालगाड़ी का इंजन सोमवार को बेपटरी हो जाने से एक बड़ा रेल हादसा टल गया। घटना में मेराल से भवनाथपुर लूप लाईन पर जा रही मालगाड़ी का इन्जन राजहरा क्रासिंग के पास पटरी से उतर गया। जिससे बंका-मेराल मुख्य पथ का आवागमन करीब 5 घंटा बाधित रहा। रेलवे ट्रैक से इंजन उतरने की जानकारी मिलने पर स्टेशन मास्टर निरंजन मिंज ने अधिकारियों को इसकी सूचना दी तथा अन्य रेलवे कर्मियों के साथ घटनास्थल पर पहुंचकर मरम्मत का कार्य शुरू करवाया। करीब 6 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद इंजन को ट्रैक पर चढ़ा लिया गया तथा पटरी को भी दुरुस्त कर लिया गया। स्टेशन मास्टर के अनुसार यह रेलवे ट्रैक सेल का है जिसका मरम्मती तथा देखरेख भी सेल के जिम्मे ही है। इस रेलवे ट्रैक पर प्रतिमाह भवनाथपुर से चूना पत्थर का करीब चार-पांच रैक लोडिंग होता है। जिससे रेलवे को करीब 2 करोड रुपए का आमदनी होता है। परंतु रेलवे ट्रैक की स्थिति खस्ता हाल है, अगर इसका मरम्मती सही ढंग से नहीं कराया गया तो आने वाला समय में बड़ा हादसा हो सकता है।


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