मझिआंव:निर्माणाधीन कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय में रह रही छात्रायें कई प्रकार की कठिनाईयों से जूझ रही हैं. बरसात आते ही उनकी परेशानी बढ़ जाती है.छात्रावास में पानी टपक रहा है जिसके कारण रहने में परेशानी हो रही है एवं पठन पाठन प्रभावित हो रहा है. सबसे मुख्य बात है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की महत्वाकांक्षी योजना स्वक्ष भारत मिशन का खुला मजाक उड़ाया जा रहा है.शौचालय का गन्दा पानी विद्यालय के निकास द्वारा, एवं छात्राओं के छात्रावास तथा कार्यालय कक्ष के बाहर खुलेआम बह रहा है. तथा उक्त गंदा पानी इतना दुर्गन्ध दे रहा है कि पूरे छात्रावास में महामारी होने की आशंका जताई जा रही है. और प्रतिदिन लगभग पंद्रह से बीस छात्रायें बीमार पड़ रही हैं. इस सम्बंध में विद्यालय प्रबंधन द्वारा बताया गया कि छात्रावास में पानी टपकने एवं शौचालय के पानी की निकासी के लिए लगातार कई बार विभाग को लिखा गया है. लेकिन इस बिल्डिंग के अर्धनिर्मित होने के कारण समस्या जस की तस बनी हुई है.विद्यालय प्रबंधन ने बताया कि सुलभ शौचालय निर्माण की मांग तथा शौचालय के पानी निकास हेतु नाली निर्माण की भी मांग की गई है.
विदित हो कि 11अप्रैल 2013को निवर्तमान विधायक चंद्रशेखर दुबे द्वारा 2.5करोड़ रुपये की लागत राशी से कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय का शिलान्यास किया गया था. लेकिन निर्माण कार्य की धीमी गति के कारण पांच साल गुजर जाने के बाद भी विद्यालय तैयार नहीं हो सका.इस सम्बंध में छह महीने पहले उपायुक्त गढ़वा के मझिआंव आगमन पर छात्राओं ने शिकायत की थी. इसके बाद उपायुक्त द्वारा उक्त संवेदक के खिलाफ कार्रवाई करते हुए विद्यालय को अविलम्ब पुरा करने तथा पानी की ब्यवस्था करने का निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिया था, लेकिन पानी की ब्यवस्था तो तत्काल की गई .जबकि अन्य सभी समस्याएं यथावत रही.


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