गढ़वा: नगर निकाय चुनाव के मतदान की उल्टी गिनती शुरु हो गयी है। चुनाव प्रचार का महज जहां करीब 18 घंटे शेष रह गये हैं जबकि मतदान में दो दिन शेष रह गये हैं। लिहाजा अध्यक्ष से लेकर वार्ड पार्षद तक सभी प्रत्याशियों ने अपनी आखिरी ताकत झोंक दी है। जाति, धर्म, पार्टी तथा क्षेत्र सबकी दुहाई की बारी के आखिरी दौर को महसुस करते हुए चुनावी गोटी बैठाने का जो भी हथकंडा अपनाना हो उसे अपनाया जा रहा है। वीडियो वायरल कर एक दुसरे के मतदाताओं को भ्रमित करने की कोशिश भी उफान पर है। इस दौरान दो-तीन वीडियो, आॅडियो का वाॅयरल काफी चर्चा में रहा । इसे आचार संहिता के दायरे में लाकर उल्लंघन की कसौटी पर प्रशासन ने कसा अथवा नही यह प्रशासनिक मामला है मगर जमीनी हकीकत तो यही है कि भाजपा व राजद इस चुनाव को शुरु से ही जो साम्प्रदायिक ध्रुवीकरण की शुरु से ही कोशिश में लगे थे वह अध्यक्ष पद पर रंग लाता नजर आ रहा है। अध्यक्ष पद पर चल रहा त्रिकोणिय मुकाबला जैसे-जैसे मतदान का समय सिकुड़ता जा रहा है, भाजपा बनाम राजद होने की चर्चा खुब चल रही है। आज से माहौल बदला-बदला सा नजर आ रहा है। भाजपा की निवर्तमान अध्यक्ष पिंकी केशरी तथा राजद प्रत्याशी मनिमा नारायण के बीच मुकाबला आमने-सामने का बनते दिख रहा है। खास कर राजद के पक्ष में मुस्लिम मतदाताओं का तेजी से होता ध्रुवीकरण से भाजपा के अध्यक्ष पद के प्रत्याशी पिंकी केशरी भी तेजी से मजबुत होती जा रही हैं। ऐसी ही स्थिति आखिरी दौर तक बनी रही तो यह कहना गलत नही होगा िकइस बार गढ़वा नगर परिषद अध्यक्ष पद पर निवर्तमान अध्यक्ष पिंकी केशरी को राजद की मनिमा बड़ी चुनौती पेष करने वाली हैं। क्योंकि मुस्लिम मतदाताओं के साथ-साथ राजद के पक्ष में गैर व्यावसायी मतदाताओं को ध्रुवीकरण बनता दिख रहा है वहीं भाजपा के पक्ष में ब्राहम्ण,बनिया समीकरण के साथ-साथ हिन्दु वोटों का ध्रुवीकरण काफी तेजी से होता जा रहा है। इससे भी इनकार नही किया जा सकता।
जहां तक उपाध्यक्ष पद का प्रष्न है, उपाध्यक्ष पद पर भी भाजपा राजद के बीच के टक्कर में निर्दलिय प्रत्याशी बिनोद जायसवाल उर्फ नेताजी चुनौती बनते दिख रहे हैं। जहां एक ओर मुस्लिम मतदाताओं का ध्रुवीकरण से उपाध्यक्ष पद के प्रत्याशी शमीम चुनावी लड़ाई में चुनौती बनते दिख रहे हैं वहीं भाजपा के उपाध्यक्ष पद के प्रत्याशी मीरा देवी, अलखनाथ पाण्डेय के शहरी मतदाताओं के बीच छवि के साथ-साथ भाजपा के परंपरागत बनिया ब्राहम्ण मतों के सहारे मजबुत स्थिति में दिख रहे है। मगर अलखनाथ के सामने निर्दलिय प्रत्याशी बिनोद जायसवाल उर्फ नेताजी एक बड़ा रोड़ा बनते दिख रहे हैं। कुल मिलाकर गढ़वा नगर परिषद का चुनावी मुकाबला जहां अध्यक्ष के पद पर तेजी से भाजपा एवं राजद के बीच आमने सामने की टक्कर की ओर बढ़ रहा है वहीं उपाध्यक्ष के पद पर भाजपा, राजद व निर्दलिय प्रत्याशी बिनोद के बीच मुकाबला त्रिकोणिय बन गया है इससे इनकार नही किया जा सकता।




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