भवनाथपुर: एक तरफ मुख्यमंत्री द्वारा भवनाथपुर प्रखंड के सिंदुरिया पंचायत मुखिया को स्वच्छता के क्षेत्र में बेहतर कार्य के लिए प्रशस्ति पत्र दिया जाता है वही दूसरी ओर मुखिया द्वारा स्वच्छता अभियान के तहत बन रहे शौचालय निर्माण में ही लाभार्थियों का जमकर आर्थिक शोषण किया जा रहा है। शौचालय निर्माण में न केवल घटिया सामग्री का प्रयोग किया जा रहा है बल्कि लाभार्थियों से मजदूरी भी कराई जा रही है। विरोध करने पर मुखिया द्वारा लाभुक को धमकाया जाता है।
सिंदुरिया पंचायत को खुले में शौच मुक्त करने के उद्देश्य से बन रहे 410 शौचालय निर्माण में घटिया ईंट बालू का प्रयोग करने का आरोप लगाते हुए लाभुक श्रद्धा देवी, पनपतिया देवी, मुनिया देवी, अनिता कुंवर, रीता देवी आदि ने बताया कि संवेदक द्वारा शौचालय निर्माण में घटिया सामग्री प्रयोग के साथ महज एक फिट नीव दिया जा रहा है जिससे कभी भी दुर्घटना हो सकती है। स्वयं शौचलय बनवाने की बात लाभुक द्वारा रखी गयी किन्तु मुखिया नही माने एवं विरोध करने पर मुखिया द्वारा पुलिस से पिटवाने के साथ राशन नही देने की धमकी दी जाती है।
सिंदुरिया पंचायत के झोपड़पट्टी वार्ड सदस्या पार्वती देवी की बहू गिरजा देवी के नाम शौचलय बनाया गया। शौचालय निर्माण के समय लाभुक ने घटिया निर्माण का विरोध भी किया किन्तु संवेदक एक नही सुना परिणामतः शौचालय का दीवार एक तरफ भरभराकर गिर गया जबकि लाभुक द्वारा शौचालय के लिये गढ्ढा एवं ईंट की धुलाई स्वयं की गई थी जिसका मजदूरी भुगतान भी संवेदक द्वारा नही किया गया।
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