ग्रामीणों का संघर्ष लाया रंग,राप्रावि धनिमण्डरा में पठन पाठन शुरू

भवनाथपुर।शिक्षा के लिये संघर्षरत प्रखंड क्षेत्र के धनीमंडरा के ग्रामीणों एवं नौनिहालों के आगे झुकी शिक्षा विभाग,आठ माह के बाद बन्द विद्यालय को खुलवाकर धनीमंडरा के लोगो ने झारखण्ड में पेश की नई मिशाल। मंजिल उन्ही को मिलती है जिनकी सपनो में जान होती है,पंखो से कुछ नही होता हौसलों से उड़ान होती है।आठ माह के लंबे संघर्ष के बाद एनपीएस सुगवादामर में विलय किये गए राप्रावि धनीमंडरा को पुनः संचालित करवाकर उक्त पंक्ति को धनीमंडरा के ग्रामीणों ने सही कर दिखाया। ज्ञातव्य हो कि शिक्षा विभाग द्वारा कम उपस्थिति वाले विद्यालय को अन्य विद्यालय में मर्ज किया जा रहा था उसी कर्म में 20 जून 2018 को तत्कालीन बीईईओ कौशल किशोर चौबे द्वारा नियमविरुद्ध तरीके से उक्त विद्यालय को एनपीएस सुगवादामर में विलय। कर दिया गया था।जिसके बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने अपने बच्चों को दूसरे विद्यालय में भेजने के बजाय खुद पढ़ाना शुरू कर विद्यालय पुनः खुलवाने को लेकर संघर्षरत रहे।ग्रामीण जनप्रतिनिधियों से लेकर उपायुक्त तक इस मामले की शिकायत की कुछ भी फलाफल नही मिलता देख बीते 27 दिसम्बर को नौनिहाल बच्चो के साथ ग्रामीण विद्यालय खुलवाने की मांग करते हुए कड़ाके की ठंड के वावजूद आमरण अनशन पर बैठने का निर्णय लिया किन्तु बीडीओ विशाल कुमार,बीईईओ राकेश कुमार सहित अन्य पदाधिकारियों द्वारा जिला प्रशासन से वार्ता कर तीन माह के भीतर विद्यालय पुनः संचालन का भरोसा दिया गया था।शिक्षा के प्रति सच्ची संघर्ष रंग लाई एवं ग्रामीणों के पक्के इरादों के आगे शिक्षा विभाग नतमस्तक हुई एवं उक्त विद्यालय में मुखिया पति एवं संघर्षरत ग्रामीणों द्वारा फीता काटकर शिक्षण कार्य प्रारंभ कराया गया।विद्यालय खुलते ही छात्रो की चहल पहल से विद्यालय में रौनक लौटी। इस मौके पर उपस्थित सुनील पासवान,उदय बियार, जयप्रकाश पासवान,सर्वेश पासवान,शिवपारस बियार,रामचन्द्र पासवान,ललन बियार,सुरेश पासवान,कैलाश बियार सहित सभी ग्रामीणों ने बीडीओ विशाल कुमार एवं बीईईओ राकेश कुमार को विद्यालय खुलवाने में अहम योगदान के लिए दिल से धन्यवाद देते हुए आभार प्रकट किया।

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