भीग रहा किसान का धान,किसान परेशान



 कांडी: बिन मौसम बरसात ने प्रखंड में जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है. लागातार दो दिनों से हो रहे बूंदाबांदी की वजह से लोग परेशान हैं. प्रखंड में धान क्रय नही होने के कारण लगभग दो हजार धानयुक्त बोरा खुले आसमान में फेंका हुआ है. पहले से क्रय किया हुआ धान गोदाम में बंद है.जबकि लगभग दो हजार धान का बोरा प्रखंड भवन के सामने मैदान में फेका हुआ है. इधर प्रखंड के किसान धान क्रय नही होने से परेशान हैं. शुक्रवार अपना धान लेकर गोदाम पहुंचे दर्जनों किसान बारिश होने की वजह से काफी परेशान दिखे.पानी में धान खराब होने की डर से प्रखंड भवन के बरामदे पर हजारों धान का बोरा फेंका जा रहा है.
सवाल यह है कि किसानों के मेहनत की कमाई यूं ही खुले आसमान में छोड़ दिया गया है तो इसकी जवाबदेही कौन लेगा. हजारो क्वींटल धान लागातार दो दिनों से पानी की वजह से खराब हो रहा है. सिर्फ़ धान के बोरा पर प्लास्टिक डाल दिया गया है. फिर भी पानी धीरे-धीरे रीसता हुआ बोरा के अंदर जाकर धान को गिला कर रहा है.दिसंबर माह से ही किसान विनोद मेहता,संतोष सिंह,सत्यनारायण चौबे,बजरंगी मेहता, नवनीत पांडेय आदि सहित दर्जनों किसान का धान पड़ा हुआ है.
 *क्या कहते हैं गोदाम प्रभारी* : गोदाम प्रभारी उत्तम कुमार ने कहा कि जैसे-जैसे गाड़ी आरही है वैसे -वैसे धान लोडिंग कर भेजा जा रहा है. यहां पड़ा हुआ सभी धान भेजा जाएगा.प्रकृति पर हमारा नियंत्रण नही है.

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