हड़ताल के चौथे दिन पूर्व मंत्री रामचंद्र केसरी ने कर्मियों की मांग जायज बताते हुये अपना समर्थन दिया तथा कर्मियों के साथ धरना पर बैठे। पूर्व मंत्री सह झाविमो के केन्द्रीय उपाध्यक्ष रामचंद्र केसरी ने कहा कि समिति के द्वारा कर्मियों का मानदेय भुगतान नहीं कर अन्याय किया जा रहा है। कर्मियों का शोषण बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। उन्होंने कहा कि समिति को सरकार के द्वारा निर्धारित दर के अनुसार ही मजदूरी का भुगतान करना होगा। श्री केसरी ने कहा कि अस्पताल में कार्यरत कर्मी लगातार कार्य कर रहे हैं और समिति के द्वारा समय पर भुगतान नहीं किया जा रहा है। उन्होंने कर्मियों को आश्वस्त करते हुये कहा कि वे मानदेय भुगतान कराने एवं कर्मियों का शोषण करने वाले समिति के विरुद्ध कार्रवाई के लिये मुख्य सचिव एवं विभागीय सचिव को पत्राचार करेंगे। उधर कर्मियों ने कहा कि बकाया मजदूरी जब तक उनलोगों को नहीं मिलेगा तब तक हड़ताल जारी रहेगा। कर्मियों ने कहा कि वे लोग बुधवार से आमरण अनशन करेंगे। यहां बताते चलें कि 14 माह से लंबित बकाया मानदेय भुगतान की मांग को लेकर गत् शनिवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। सभी कर्मी अनुमंडलीय अस्पताल के गेट पर अनिश्चितकालिन धरना पर बैठे हुये है। कर्मियों के हड़ताल पर रहने के कारण अस्पताल की व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है। अस्पताल में साफ-सफाई के साथ-साथ दवा वितरण, ड्रेसर, लैब, डाटा इंट्री आदि कई कार्य पूरी तरह से प्रभावित हो गया है। हड़ताल करने वाले कर्मियो में मनोज शुक्ला, अनुरंजन पांडेय, प्रदीप ठाकुर, जयप्रकाश पासवान, मुकेश रजक, कोमल जायसवाल, श्रीराम, ओम राम, शशि जायसवाल, रवीन्द्र मेहता, मनोज चौधरी, राकेश कुमार, राजमती देवी, धनवंत कुमार पांडेय, मुकेन्द्र राम, वीरेंद्र राम, प्रणायनी भारती, गीता देवी, सरस्वती देवी, शीतल देवी, निर्मला देवी समेत कई संविदा कर्मियों के नाम शामिल हैं
हड़ताल के चौथे दिन पूर्व मंत्री रामचंद्र केसरी ने कर्मियों की मांग जायज बताते हुये अपना समर्थन दिया तथा कर्मियों के साथ धरना पर बैठे। पूर्व मंत्री सह झाविमो के केन्द्रीय उपाध्यक्ष रामचंद्र केसरी ने कहा कि समिति के द्वारा कर्मियों का मानदेय भुगतान नहीं कर अन्याय किया जा रहा है। कर्मियों का शोषण बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। उन्होंने कहा कि समिति को सरकार के द्वारा निर्धारित दर के अनुसार ही मजदूरी का भुगतान करना होगा। श्री केसरी ने कहा कि अस्पताल में कार्यरत कर्मी लगातार कार्य कर रहे हैं और समिति के द्वारा समय पर भुगतान नहीं किया जा रहा है। उन्होंने कर्मियों को आश्वस्त करते हुये कहा कि वे मानदेय भुगतान कराने एवं कर्मियों का शोषण करने वाले समिति के विरुद्ध कार्रवाई के लिये मुख्य सचिव एवं विभागीय सचिव को पत्राचार करेंगे। उधर कर्मियों ने कहा कि बकाया मजदूरी जब तक उनलोगों को नहीं मिलेगा तब तक हड़ताल जारी रहेगा। कर्मियों ने कहा कि वे लोग बुधवार से आमरण अनशन करेंगे। यहां बताते चलें कि 14 माह से लंबित बकाया मानदेय भुगतान की मांग को लेकर गत् शनिवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। सभी कर्मी अनुमंडलीय अस्पताल के गेट पर अनिश्चितकालिन धरना पर बैठे हुये है। कर्मियों के हड़ताल पर रहने के कारण अस्पताल की व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है। अस्पताल में साफ-सफाई के साथ-साथ दवा वितरण, ड्रेसर, लैब, डाटा इंट्री आदि कई कार्य पूरी तरह से प्रभावित हो गया है। हड़ताल करने वाले कर्मियो में मनोज शुक्ला, अनुरंजन पांडेय, प्रदीप ठाकुर, जयप्रकाश पासवान, मुकेश रजक, कोमल जायसवाल, श्रीराम, ओम राम, शशि जायसवाल, रवीन्द्र मेहता, मनोज चौधरी, राकेश कुमार, राजमती देवी, धनवंत कुमार पांडेय, मुकेन्द्र राम, वीरेंद्र राम, प्रणायनी भारती, गीता देवी, सरस्वती देवी, शीतल देवी, निर्मला देवी समेत कई संविदा कर्मियों के नाम शामिल हैं


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