गढ़वा में दो इनामी नक्सलियो ने पुलिस के समक्ष हथियार के साथ किया आत्मसर्मपर्ण
आत्मसमर्पण करनेवालों में पाच लाख का इनामी नक्सली महेन्द्र तथा दो लाख का इनामी अषोक उर्फ अक्षय
गढ़वाः भाषा 15 अक्तुवर - गढ़वा पुलिस के समक्ष आज सोमवार को दो टीपीसी के कुख्यात व गढ़वा पलामू में आतंक का पर्याय समझ ेजानेवाले इनामी नक्सलियों ने हथियार के साथ आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का एलान किया। दरअसल पुलिस लाइन गढ़वा में पलामू के डीआईजी विपुल षुक्ला के नेतृत्व में यह आत्मसमर्पण प्रक्रिया को, गढ़वा के एसपी षिवानी तिवारी ने पुरा कराइ। जिसमें पांच लाख के इनामी नक्सली जो 2004 से 2008 तक भाकप माओवादी का कोयलषंख जोन का सबजोनल कमांडर रहा है , एवं इसके बाद से लेकर वर्तमान में टीपीसी टू का जोनलकमांडर के रूप में नक्सली संगठन का बागडोर सम्हाले रहा पांच लाख का इनामी नक्सली महेन्द्र सिंह खरवार उर्फ लालधारी सिंह ने डीइजी श्री ष्षुक्ला को राइुफल सौपकर हथियार के साथ आत्मसमर्पण किया । जबकि दुसरा 2004 से 2007 तक भाकपा माओवादी के मध्यजोन का सबजोनल कमांडर रहा व इसके बाद से वतर्मान मे टीपीसी टू के जोनल कमांडर अषोक कुमार मेहता उर्फ अक्षयजी उर्फ निर्भयजी जो दो लाख रूपये का इनामी है ने भी डीइजी श्री ष्षुक्ला के समक्ष आत्पसर्मपण किया। इन दोनो नक्सलियो को झारखंड सराकर की आत्मसमर्पण नीति के तहत क्रमष : पांच लाख रूपये तथा दो लाख रूपये का चेक दिया गया, साथ ही इन्हे आत्मसमर्पण नीति के तहत तमाम तरह की सुविधा समय पर मुहैया कराने का अष्वासन मौके पर मौजुद गढ़वा के उपायुक्त हर्षमंगला ने दिया। इस मौके पर डीआइजी श्री ष्षुकला ने झारखंड सरकार की आत्मसमपर्ण नीति की प्रषंसा करते हुए कहा कि दरअसल विगत दो साल पहले लागू किए गए आत्मसमपर्ण नीति नक्सलियो के आत्मसर्मपण कराने में काफी कारगार साबित हो रही है। उन्होने कहा कि इसमें जो नक्सलियो पर इनाम बढ़ाने का बाद में संषोधन किया गया वह पुरी तरह से कारगर हुइ है । जिससे नक्सली आत्मपर्मपण कर मुख्य धारा मे लौट रहे हैं । उन्होंने कहा कि इसके बावजुद यदि नक्सली आत्मसर्मण नही कर उत्पात मचाएगे तो उन्हे गोली का जबाब गोली से दिया जाएगा। इधर उपायुक्त हर्ष मंगला ने भी इस मौके पर कहा कि आत्मसर्मण करनेवालो नक्सलियो को जिला प्रषासन समय पर तमाम तरह की सुविधा सरकार के प्रावधान के अनुसार देगी। जबकि उक्त दोनों नक्ललियों को आत्मसर्मण के लिए तैयार कराने में प्रमुख भुमिका निभानेवाली गढ़वा की एसपी षिवानी तिवारी ने अपना अनुभव साक्षा करते हुए कहा कि दरअसल हमलोगो ने जो ऑपरेषन कनेक्ट अभियान चलाया तो देखा कि नक्सलियो के परिवार की हालत खाष्ता है परिवार के लोग चाहते है कि उसके सदस्य मुख्यधारा से जुडे। एसपी ने कहा कि नक्सलियो का आत्पसमर्पण सराकर के आत्मसमपर्ण नीति की लोकप्रियता का दर्षाता है।
जहां तक आज आत्मसमपर्ण करने वाले महेन्द्र सिंह खरवार का प्रष्न है वह पलामू जिले के चैनपुर थाना के करसो गांव का रहनेवाला है । इस पर गढ़वा में 31 तथा पलामू में 13 कुल 44 मामला दर्ज है जबकि अषोक कुमार मेहता उर्फ अक्षय उर्फ निर्भय बिहार के औरंगाबाद जिले के नरारी थाना के अदमारस्तीपुर का मुल निवासी है इस पर गढ़वा जिले में ही 18 नक्सलन मामले दर्ज हैं । महेन्द्र सिंह खरवार हाल के दिनों तक गढ़वा जिले के रमकंडा रंका चिनियां भंडरिया बड़गढ तथा पलामू जिले के चैनपुर तथा रामगढ़ थाना में नक्सली गतिविधि के कारण आतंक का पर्याय समझा जाता था। जबकि अषोक कुमार मेहता उर्फ अक्षय भाकपा माओवादियो के गढ़वा जिले के भवनथपुर केतार बरडीहा कांडी तथा मझिआंव थाना से सफाया के बाद पिछले कुछ माह से टीपीसी टू के नाम पर न केवल आतंक मचाए हुए था बल्कि लेवी वसुलने के लिए उसने कइ राजनीति कार्यकर्ताओ ठेकेदारो तथा पंचायत के जनप्रतिनिधयो ंके साथ मारपीट करने की घटना को अंजाम देकर खौफ कायम किए हुए था।
आत्मसमर्पण करनेवालों में पाच लाख का इनामी नक्सली महेन्द्र तथा दो लाख का इनामी अषोक उर्फ अक्षय
गढ़वाः भाषा 15 अक्तुवर - गढ़वा पुलिस के समक्ष आज सोमवार को दो टीपीसी के कुख्यात व गढ़वा पलामू में आतंक का पर्याय समझ ेजानेवाले इनामी नक्सलियों ने हथियार के साथ आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का एलान किया। दरअसल पुलिस लाइन गढ़वा में पलामू के डीआईजी विपुल षुक्ला के नेतृत्व में यह आत्मसमर्पण प्रक्रिया को, गढ़वा के एसपी षिवानी तिवारी ने पुरा कराइ। जिसमें पांच लाख के इनामी नक्सली जो 2004 से 2008 तक भाकप माओवादी का कोयलषंख जोन का सबजोनल कमांडर रहा है , एवं इसके बाद से लेकर वर्तमान में टीपीसी टू का जोनलकमांडर के रूप में नक्सली संगठन का बागडोर सम्हाले रहा पांच लाख का इनामी नक्सली महेन्द्र सिंह खरवार उर्फ लालधारी सिंह ने डीइजी श्री ष्षुक्ला को राइुफल सौपकर हथियार के साथ आत्मसमर्पण किया । जबकि दुसरा 2004 से 2007 तक भाकपा माओवादी के मध्यजोन का सबजोनल कमांडर रहा व इसके बाद से वतर्मान मे टीपीसी टू के जोनल कमांडर अषोक कुमार मेहता उर्फ अक्षयजी उर्फ निर्भयजी जो दो लाख रूपये का इनामी है ने भी डीइजी श्री ष्षुक्ला के समक्ष आत्पसर्मपण किया। इन दोनो नक्सलियो को झारखंड सराकर की आत्मसमर्पण नीति के तहत क्रमष : पांच लाख रूपये तथा दो लाख रूपये का चेक दिया गया, साथ ही इन्हे आत्मसमर्पण नीति के तहत तमाम तरह की सुविधा समय पर मुहैया कराने का अष्वासन मौके पर मौजुद गढ़वा के उपायुक्त हर्षमंगला ने दिया। इस मौके पर डीआइजी श्री ष्षुकला ने झारखंड सरकार की आत्मसमपर्ण नीति की प्रषंसा करते हुए कहा कि दरअसल विगत दो साल पहले लागू किए गए आत्मसमपर्ण नीति नक्सलियो के आत्मसर्मपण कराने में काफी कारगार साबित हो रही है। उन्होने कहा कि इसमें जो नक्सलियो पर इनाम बढ़ाने का बाद में संषोधन किया गया वह पुरी तरह से कारगर हुइ है । जिससे नक्सली आत्मपर्मपण कर मुख्य धारा मे लौट रहे हैं । उन्होंने कहा कि इसके बावजुद यदि नक्सली आत्मसर्मण नही कर उत्पात मचाएगे तो उन्हे गोली का जबाब गोली से दिया जाएगा। इधर उपायुक्त हर्ष मंगला ने भी इस मौके पर कहा कि आत्मसर्मण करनेवालो नक्सलियो को जिला प्रषासन समय पर तमाम तरह की सुविधा सरकार के प्रावधान के अनुसार देगी। जबकि उक्त दोनों नक्ललियों को आत्मसर्मण के लिए तैयार कराने में प्रमुख भुमिका निभानेवाली गढ़वा की एसपी षिवानी तिवारी ने अपना अनुभव साक्षा करते हुए कहा कि दरअसल हमलोगो ने जो ऑपरेषन कनेक्ट अभियान चलाया तो देखा कि नक्सलियो के परिवार की हालत खाष्ता है परिवार के लोग चाहते है कि उसके सदस्य मुख्यधारा से जुडे। एसपी ने कहा कि नक्सलियो का आत्पसमर्पण सराकर के आत्मसमपर्ण नीति की लोकप्रियता का दर्षाता है।
जहां तक आज आत्मसमपर्ण करने वाले महेन्द्र सिंह खरवार का प्रष्न है वह पलामू जिले के चैनपुर थाना के करसो गांव का रहनेवाला है । इस पर गढ़वा में 31 तथा पलामू में 13 कुल 44 मामला दर्ज है जबकि अषोक कुमार मेहता उर्फ अक्षय उर्फ निर्भय बिहार के औरंगाबाद जिले के नरारी थाना के अदमारस्तीपुर का मुल निवासी है इस पर गढ़वा जिले में ही 18 नक्सलन मामले दर्ज हैं । महेन्द्र सिंह खरवार हाल के दिनों तक गढ़वा जिले के रमकंडा रंका चिनियां भंडरिया बड़गढ तथा पलामू जिले के चैनपुर तथा रामगढ़ थाना में नक्सली गतिविधि के कारण आतंक का पर्याय समझा जाता था। जबकि अषोक कुमार मेहता उर्फ अक्षय भाकपा माओवादियो के गढ़वा जिले के भवनथपुर केतार बरडीहा कांडी तथा मझिआंव थाना से सफाया के बाद पिछले कुछ माह से टीपीसी टू के नाम पर न केवल आतंक मचाए हुए था बल्कि लेवी वसुलने के लिए उसने कइ राजनीति कार्यकर्ताओ ठेकेदारो तथा पंचायत के जनप्रतिनिधयो ंके साथ मारपीट करने की घटना को अंजाम देकर खौफ कायम किए हुए था।

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