पारिवारिक आदर्श की सीख़ देता है रामचरितमानस-जगदगुरु रत्नेश स्वामी
रामजन्म की जीवंत प्रस्तुति व झांकी से विभोर हुए श्रोता
फ़ोटो- प्रवचन मंच पर राम जन्मोत्सव के प्रसंगों को झांकीमय प्रस्तुति करते कथा -भास्कर रत्नेश स्वामी
विश्रामपुर- अयोध्या से पधारे जगदगुरु स्वामी रत्नेश महाराज ने मानस रचनाकार गोस्वामी तुलसीदास के द्वारा अपनी रचना आदर्श परिवार केस्वरूप विशेषकर नारी के आदर्श व उन्हें जगतजननी जैसी महिमा से विभूषित करने के विषय पर विस्तृत प्रकाश डाला ।उन्होंने कहा कि आदिकाल से नारी पूजनीय रही हैं।वह मानव सृष्टि के मूल कारण होने के कारण इस धरा की अनमोल कृति हैं।इतिहास साक्षी है कि जहां समाज में नारी की अवमानना हुई, वहां नाश हुआ।बालकांड की जीवंत प्रस्तुति व ब्यासपीठ से क्रमिक मार्मिक प्रसंगों के संगीतमय उदबोधन से प्रवचन पंडाल में बैठे सैकड़ों श्रोता विभोर हो गए।प्रारंभ में स्वामी रत्नेश जी महाराज का प्रवचन पंडाल में आगमन पर आयोजक नवयुवक संघ के अध्य्क्ष प्रो नंदलाल शुक्ल की अगुआई में डंडीलाखुर्द के दर्जनाधिक मानिंद बुजुर्ग सहित प्रधान संरक्षक सह वरिष्ठ कांग्रेस नेता अमृत शुक्ल ,नगर पार्षद दिनेश शुक्ल व बरिष्ठ शिक्षक विजय प्रसाद शुक्ल ने आदर सहित मंचासीन करा माल्यार्पण किया।


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