अठारह महापुराणों में रामायण गीता सर्वश्रेष्ठ: सुमित्रा शास्त्री हासनदाग देवी धाम के प्रांगण में संगीतमय ज्ञान प्रवचन कथा जारी


अठारह महापुराणों में रामायण गीता सर्वश्रेष्ठ: सुमित्रा शास्त्री
हासनदाग देवी धाम के प्रांगण में संगीतमय ज्ञान प्रवचन कथा जारी

मेराल : प्रखंड के हासनदाग गांव में देवी धाम के प्रांगण में रामायण गीता सर्वश्रेष्ठ महापुराण है इसका निर्माण सभी युगों में जन कल्याण के लिए किया गया उक्त बातें शुक्रवार की रात्रि दुर्गा पूजा के अवसर पर संगीतमय रामायण कथा का प्रवचन करते हुए बिहार से आए परम पूज्य सुमित्रा शास्त्री जी ने कही। उन्होंने कहा कि रामायण ज्ञान के प्रेरणा सर्वप्रथम राम जी के द्वारा उत्पन्न हुई। उन्होंने कहा कि बेद रुपी पेड़ का पका हुआ फल है इसमें कुछ त्यागने का नहीं है इसमें रामचरितमानस निरंतर करते रहें मनुष्य का कल्याण अवश्य हो जाएगा सुमित्रा शास्त्री ने रामायण कथा का चर्चा करते हुए बीच बीच में भजन गाकर श्रद्धालुओं का मन मोहती रही। मानव का कल्याण कैसे हो समस्त शास्त्रों का सार क्या है भगवान के अवतार का उद्देश्य क्या है भगवान किस रूप में कहां-कहां अवतार लेकर कौन-कौन सी लीला करते हैं भगवान जब अपने लीला को संपन्न कर लेते हैं और अपने धाम को जाते हैं तो धर्म किस के शरण में जाता है इसी पर विस्तृत रूप से प्रकाश डाला उन्होंने कहा कि आज राम जी का जन्म राम चरित्र मानस के कथा कर कराया कराया गया। परवचन को आगे बढाते हुए कहा कि शास्त्र संत और श्रेष्ठ आचार्य के संरक्षण के बिना हमारा जीवन कटी पतंग की तरह हो जाता है कुछ समय तो ऊंचाई पर जाता है परंतु अल्प समय में वह धराशाई हो जाया करता है अर्थात हमारे जीवन को शास्त्रों का संरक्षण आवश्यक है शास्त्री जी ने उनके चरित्र का वर्णन किया तथा कहा की ईश्वर की प्राप्ति ही जीवन का उद्देश्य है और यही जीवन का सार भी है वहीं पौराणिक बाबा द्वारा परायन पाठ कराया जाता है जिसमें 12 श्रद्धालु पाठ करता था भाग लेते हैं सुबह 8:00 बजे से लेकर 1:00 बजे तक कार्यक्रम चलता है दोपहर के 2:00 बजे से लेकर 5:00 बजे तक परायण पाठ का कार्यक्रम चलता है पाठ करताओं में विवेकानंद चौबे मुन्ना चौबे गुददूस चौबे कुश चौबे छोटू चौबे सुनील कुमार चौबे दिनेश चौबे मिनकु चौबे वगैरह। इस मौके पर सुदर्शन विश्वकर्मा देवनाथ चौधरी परनय चौबे अरुण चौबे आशुतोष चौबे जिला परिषद रामनरेश चौधरी किशोर राम मानदेव चौधरी कोमल चौधरी बिरजा चौबे बृजमोहन चौबे मिथिलेश चौबे तीरथराज चौबे मानदेव बैठा सुरेंद्र चौबे मुकेश ठाकुर सत्येंद्र ठाकुर छोटू ठाकुर हरेंद्र चौधरी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु भक्त पुरुष महिलाएं उपस्थित थे।

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