मेराल प्रखंड के गोदाम भवन में सभी 16 पंचायत के लिए मनरेगा एवं 14वें वित्त से संबंधित सामाजिक अंकेक्षण जनसुनवाई का आयोजन किया गया।  जनसुनवाई मे ज्यूरी लोकपाल मुरारी झा उपस्थित थे। उनके अलावा प्रखंड प्रमुख मेराल विकास सिंह कुशवाहा डी आर पी सुनील कुमार तिवारी उप प्रमुख आशा देवी जिला परिषद उत्तरी अफसाना खातून जिला परिषद दक्षिणी राम नरेश चौधरी स्वयं सहायता समूह के अध्यक्ष सविता देवी आदि उपस्थित थे ।साथ ही सामाजिक अंकेक्षण दल के जहुर अंसारी मंतोष मेहता एवं उनके टीम के सदस्य उपस्थित थे।  सामाजिक अंकेक्षण  जनसुनवाई की शुरूआत हासनदाग पंचायत से  हुआ जहां 15 डोभा मे बिना mb के पैसा निकासी करने का मामला आया ।जहां मुखिया दुखन चौधरी ने बताया कि इसकी भुगतान उन्होंने नहीं किया है इस संबंध में उन्होंने भुगतान नहीं करने के लिए तत्कालीन वीडियो श्रवन राम को लिखित प्रपत्र उपलब्ध कराया था जिसकी प्रति उन्होंने मनरेगा लोकपाल को दिखलाया ।उन्होंने बताया कि  इससे उन्हें बिना अवगत कराएं वीडियो सरवन राम द्वारा किस तकनीक से भुगतान किया गया है वे नहीं जानते ।इसी तरह 14वें वित्त के इसी तरह 16लाख रुपए बिना टिन नंबर के भाउचर से भुगतान करने का मामला  सोशल ऑडिट द्वारा प्रस्तुत किया गया। इस पर मनरेगा लोकपाल इसे अग्रिम जिला स्तरीय सोशल ऑडिट के जनसुनवाई में लाने का मामला बताया उन्होंने बताया कि इसके तकनीकी नहीं है इसके लिए जिला तकनीक द्वारा संबंधित भुगतान के बारे में विस्तृत जांच कराकर सही गलत का  आकलन किया जाएगा। इसी तरह दो मजदूरों के बीच में मजदूरी भुगतान का मामला सोशल आडिट द्वारा रखा गया जहां संबंधित दोनों मजदूरों  सरजू चौधरी और कुंदन चौधरी द्वारा मजदूरी प्राप्त करने  की बात कही।  इसी तरह हासनदाग  पंचायत के अन्य मामलों का जांच पूरे 3:00 बजे तक चलता रहा। इसी तरह जगदीश विश्वकर्मा एवं अशोक विश्वकर्मा के डोभा गायब होने का मामला पाया गया ।जिस पर लोकपाल ने 20 सितम्बर  तक लाभुक द्वारा ₹35000 की रिकवरी करने की आदेश सुनाया।एक  अन्य मामले में रोजगार सेवक मुखिया बीपीओ कनीय अभियंता पंचायत सेवक सहित लोगों पर 1000₹1000 का अर्थदंड भी लगाया गया । जिस पर मुखिया ने बताया की जानबूझकर  उन्हें आरोपित करने की बात कही ।इधर बीच बीच में 1600000 रुपए के  मामले को लेकर हंगामा के कारण लोगों को भारी परेशानी उठाते रहना पड़ा।इधर कुछ लोगों ने आरोप लगाया कि मजदूरों के पिछले 2 माह के उनके काम का मजदूरी भुगतान का बकाया मनरेगा में लंबित है। जिसे भुगतान कराने के लिए किसी पदाधिकारी को चिंता नहीं है जानबूझकर योजनाओं में काम करने के लिए लोगों द्वारा बाधित किया जाता है। इसी तरह लोकपाल मुरारी झा ने कहा कि उनका चैनल केवल सोशल ऑडिट के लिए है भुगतान करने का कार्य मनरेगा में दूसरा चैनल करता है ।इसके लिए वे जिम्मेवार नहीं है अगर भुगतान नहीं होता है 15 दिन के बाद  शुल्क के साथ मजदूरों को मजदूरी भुगतान कराया जाएगा जो उनके नियमावली में है ।इसी तरह से मनरेगा लोकपाल ने कहा कि वीडियो के द्वारा  एटीआर जमा नहीं किया गया है इसके लिए 4 दिनों  अग्रिम चार दिनों का समय दिया गया है ।जमा नहीं करने पर कानून सम्मत कार्रवाई किया जाएगा ।उन्होंने कहा कि इस सामाजिक अंकेक्षण में दंडात्मक कार्रवाई कम एवं सुधारात्मक कार्रवाई ज्यादा किया जा रहा है ताकि मनरेगा कानून बहाल हो सके ।इस अवसर पर आज सभी 16 पंचायत का सामाजिक अंकेक्षण जनसुनवाई पूरे दिन में कर लेना था लेकिन हासनदाग के अतिरिक्त मेराल पश्चिमी का शुरू होते  5:00 बज चुका था लेकिन लोकपाल अडि़क थे कि 12:00 बजे रात्रि तक सुनवाई करेंगे । जनसुनवाई होने वाले पंचायतों में सोशल ऑडिट किए जाने वाले पंचायतों में हासन दाग कर कोमा चामा  दुलदुलावा  बाना  गोंदा  और हुआ अरुआ लोहाघाट सगवरिया पढु़आ ओखर गाड़ा पूर्वी एवं पश्चिमी चेचरिया खोरीडीह तीसरटेटुका सहित 16पंचायत का नाम शामिल है। जबकि 4 पंचायत तेनार गेरुआ ग्रविकताम   मेराल पूर्वी का सोशल ऑडिट नहीं किया जाना ह। जनसुनवाई में वीडियो मनोज कुमार तिवारी प्रधान सहायक सुनील कुमार महिला पर्यवेक्षिका लिली डे पंचायत सेवक रोजगार सेवक बीपीओ फिरोज अंसारी एवं सभी 20 पंचायत के मुखिया के अलावे आसपास के प्रबुद्ध लोग उपस्थित थे।

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