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कांडी: प्रखंड मुख्यालय के सभागार में शनिवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकार गढ़वा के तत्वाधान में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से जिला विधिक सेवा प्राधिकार गढ़वा के सचिव राजेश श्रीवास्तव उपस्थित थे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीडब्ल्यूसी के अध्यक्ष उपेंद्र नाथ दुबे ने कहा कि प्ली बार्गेनिंग समझौते का एक तरीका है। जिसके अंतर्गत अभियुक्त कम सजा के बदले में अपने द्वारा किए गए अपराध को स्वीकार करके पीड़ित व्यक्ति को हुए नुकसान और मुकदमे के दौरान हुए खर्चे की क्षतिपूर्ति करके कठोर सजा से बच सकता है। उन्होंने कहा की राष्ट्र की सामाजिक आर्थिक स्थितियों को प्रभावित करने वाले अपराधियों पर और किसी महिला और चौदह वर्ष से कम आयु के बच्चों के विरुद्ध किए गए अपराधों पर लागू नहीं होता है। ऐसे कानून कम उम्र के बच्चों को कठोर दंड से बचने का अवसर प्रदान करती है। इसके बाद जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव राजेश श्रीवास्तव ने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि तेजाब हमलों के पीड़ितों के उचित देखभाल एवं पुनर्वास हेतु तीन लाख रुपये मुआवजा का भुगतान पीड़ित को किया जाएगा जिसमें से एक लाख रुपये भुगतान पीड़ित को घटना घटित होने के पंद्रह दिनों के अंदर कर दिया जाएगा शेष राशि का भुगतान इसके बाद दो माह के अंदर करने का प्रावधान है। सचिव ने यह भी बताया कि मानसिक रूप से बीमार व्यक्ति के लिए और संपत्ति के प्रबंधक प्रबंधक नियुक्त करने के लिए प्रावधान की योजना है। साथ ही मानसिक रूप से बीमार व्यक्तियों के मानव अधिकारों का संरक्षण करना, मानसिक रूप से बीमार व्यक्तियों को कानूनी सहायता देना, मानसिक बीमार को स्वस्थ्य सुविधा देना आदि शामिल है।
मौके पर फोस्टर केयर बी टीम लीडर राकेश कुमार शुक्ला व गुरुदेव विश्वकर्मा, बृज मोहन मिश्रा, सहायक अमर कुमार, पीएलवी उमाशंकर द्विवेदी, सीओ मोहम्मद असलम, बीस सूत्री अध्यक्ष रामलला दुबे, मुखिया विनोद प्रसाद, बिपिन बिहारी सिंह सहित कई लोग मौजूद थे।


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