दो लाख का इनामी माओवादी पंकज कोरवा को मुख्यधारा में वापस लौटाने के ख्याल से पुलिस अधीक्षक

दो लाख का इनामी माओवादी पंकज कोरवा
को मुख्यधारा में वापस लौटाने के ख्याल से पुलिस अधीक्षक शिवानी तिवारी ने मंगलवार को रंका थाना क्षेत्र के कुदरूम गांव के ढेगुरा टोला में स्थित उसके घर में पहुंचकर उसके मां एवं पिता जी से मिली तथा तकरीबन 1 घंटे तक परिवार के लोगों के साथ बातचीत कर आत्मसमर्पण नीति का फायदा उठाने की सलाह दी वहां से लौटने के पश्चात पुलिस अधीक्षक शिवानी तिवारी ने बताया कि रंका थाना क्षेत्र के कुदरूम गांव के ढेगुरा टोला निवासी महेश कोरवा  का बेटा पंकज कोरवा आर्थिक तंगी के वजह से गरीबी दूर करने के लिए वर्ष 2005 में माओवादी संगठन में चला गया था उस दौरान कई घटनाओं में शामिल रहा वर्ष 2009 में उसकी गिरफ्तारी हुई 3 साल तक जेल में रहने के बाद माओवादियों ने पैसा खर्च कर जेल से जमानत कराया मगर वह घर जाने के बजाए जेल से सीधा माओवादी संगठन में चला गया तकरीबन 12 वर्ष से अधिक समय तक माओवादी संगठन में कार्यरत है मगर उसके घर एवं माता पिता की स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ आज भी पंकज कोरवा के घर के लोग गरीब एवं आर्थिक तंगी तथा रोजगार के लिए तरस रहे हैं उन्होंने बताया कि पंकज कोरवा इस इलाके का इकलौता माओवादी सदस्य है इसलिए उसे मुख्यधारा में लौटाने एवं सरकार के आत्मसमर्पण नीति तथा पुनर्वास निति का लाभ दिलाने हेतु प्रयास किया जा रहा है पुलिस अधीक्षक ने बताया कि आत्मसमर्पण में पुलिस का भय आड़े ना आए इसलिए परिवार के लोगों से मिलकर उसे आत्मसमर्पण के लिए प्रेरित किया गया है उन्होंने बताया कि पंकज कोरवा दो भाई एवं तीन बहन हैं मगर घर की स्थिति काफी खराब अभी भी बनी हुई है

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