रुकसाना का आया शव,किया गया शुपुर्द-ए-खाख


विश्रामपुर, पलामू : रुकसाना बीबी का शव शुक्रवार की देर रात निमियाँ गांव पहुंचा। जहां शनिवार को रुकसाना को शुपुर्द-ए-खाख किया गया। विदित हो कि
शौहर व बीबी के बीच फोन पर नोक-झोंक हुई। जिसके बाद शौहर ने फोन से ही तीन तलाक दे दिया था। वहीं तलाक की घटना से आहत बीबी रुकसाना ने यह कहते हुए कि जहर खा ली कि तलाक हो हीं गया तो जिंदा रहकर क्या करेंगे। 
इधर कई लोगों का मानना है जहर खाने के पीछे तलाक का मामला है या नहीं कहना मुश्किल है। मंसूर व रुखसाना के तीन बच्चे भी है। शौहर-बीवी की नोंकझोंक के बाद घटित इस घटना ने तीनों बच्चों के सिर से मां का आंचल हमेशा के लिये छीन लिया है।
शुक्रवार को हीं पोस्टमार्टम के बाद रांची रिम्स अस्पताल प्रबंधन ने रुकसाना का शव मायके वालों को सौंप दिया। मायके वालों ने उसका शव ससुराल वालों को नही सौंपा। बल्कि जनाजे के नमाज के बाद निमियाँ के कब्रिस्तान में ही उसे दफना दिया। इधर इस घटना के बाद क्षेत्र में चर्चा का बाजार गर्म है।
बाक्स :  बदनामी की डर से खुलकर नहीं बता रहे तलाक बनी मौत के कारण
अपने शौहर की ओर से फोन पर तीन बार तलाक शब्द से आहत रुखसाना ने जहर खा कर आत्महत्या कर ली। यह कानों-कान कोसियार गांव सहित आस-पास के गांवों में आग की तरह फैल गया है। लेकिन  खूलकर यह बोलने को तैयार नहीं। एक नाम ना छापने की शर्त पर बताया कि शौहर मंसूर व रुखसाना के बीच गुरुवार को बातचीत क्रम में विवाद उत्पन्न हो गई थी। इसी बीच मंसूर ने अपनी पत्नी को तीन बार फोन में ही तलाक शब्द बोलकर उसे परित्याग करने को कहा। तलाक की घटना से आहत रुखसाना ने अपने घर परिवार सहित मायके वाले को भी पूरी जानकारी देते हुये उसने यह कहते हुए जहर खाने का फैसला किया कि अब जिंदा रहने का कोई मतलब ही नहीं। महिला ने अपनी 4 वर्षीय एक बच्चे को भी जहर खिलाने का प्रयास किया था। जो भाग कर जहर खाने की घटना की जानकारी अपने परिवार के अन्य सदस्यों को दिया था।  उसने बताया कि बदनामी व प्राथमिकी के डर से लोग इसे छुपा रहे हैं।

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