मझिआंव:नगर पंचायत के वार्ड नं 02 स्थित दुबेतहले गांव निवासी अत्यंत गरीब विकलांग दम्पति रामप्रसाद राम उर्फ सूरदास एवं उसकी पत्नी जउतरी देवी अपने छोटे बच्चे को लेकर पिछले चार महीने से स्टेट बैंक एवं ग्राहक सेवा केंद्र का चक्कर लगा रहे हैं.इस सम्बंध में दोनो आंखों से दिव्यांग रामप्रसाद ने बताया कि वे दोनों मांग कर लाते हैं तो भोजन करते हैं. विकलांग पेंसन ही उनके जीने का सहारा है. उसी से बीमार होने पर दवा कराते हैं.दम्पति ने बताया कि कई साल पहले जब ब्लॉक से पेंसन बनता था तो ब्लॉक में जाकर पता कर लेते थे. लेकिन जब से गढ़वा जिला मुख्यालय से पेंसन बन कर आ रहा है तब से पता नही चलता कि किस महीने का पेंसन है. जब सीएसपी में पता करने जाते हैं तो उसके द्वारा अंगुठा लगवाने के बाद बताया जाता है कि अभी पेंसन नही आया है. अंगुठा लगाने के बाद सीएसपी संचालक रसीद भी नही देते हैं. जिसके कारण रुपया निकासी होने का भय भी सताते रहता है. विकलांग दम्पति ने बताया कि मझिआंव प्रखंड में अभी दर्जनों लोगों से सुने हैं कि अंगुठा लगाने के बाद रुपया गायब हो जा रहा है.इस बारे में शिकायत करने के बाद भी कोई कार्रवाई नही होने से उनका मनोबल बढ़ा हुआ है. रामप्रसाद ने उपायुक्त से विकलांग पेंसन की राशी खाते में भेजवाने की मांग की है.
मझिआंव:नगर पंचायत के वार्ड नं 02 स्थित दुबेतहले गांव निवासी अत्यंत गरीब विकलांग दम्पति रामप्रसाद राम उर्फ सूरदास एवं उसकी पत्नी जउतरी देवी अपने छोटे बच्चे को लेकर पिछले चार महीने से स्टेट बैंक एवं ग्राहक सेवा केंद्र का चक्कर लगा रहे हैं.इस सम्बंध में दोनो आंखों से दिव्यांग रामप्रसाद ने बताया कि वे दोनों मांग कर लाते हैं तो भोजन करते हैं. विकलांग पेंसन ही उनके जीने का सहारा है. उसी से बीमार होने पर दवा कराते हैं.दम्पति ने बताया कि कई साल पहले जब ब्लॉक से पेंसन बनता था तो ब्लॉक में जाकर पता कर लेते थे. लेकिन जब से गढ़वा जिला मुख्यालय से पेंसन बन कर आ रहा है तब से पता नही चलता कि किस महीने का पेंसन है. जब सीएसपी में पता करने जाते हैं तो उसके द्वारा अंगुठा लगवाने के बाद बताया जाता है कि अभी पेंसन नही आया है. अंगुठा लगाने के बाद सीएसपी संचालक रसीद भी नही देते हैं. जिसके कारण रुपया निकासी होने का भय भी सताते रहता है. विकलांग दम्पति ने बताया कि मझिआंव प्रखंड में अभी दर्जनों लोगों से सुने हैं कि अंगुठा लगाने के बाद रुपया गायब हो जा रहा है.इस बारे में शिकायत करने के बाद भी कोई कार्रवाई नही होने से उनका मनोबल बढ़ा हुआ है. रामप्रसाद ने उपायुक्त से विकलांग पेंसन की राशी खाते में भेजवाने की मांग की है.


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