पांच साल ट्रांसफार्मर खराब रहने के बाद भी विभाग ने भेजा बिल।



मझिआंव.प्रखंड के बोदरा पंचायत के बोदरा गांव के महुगाईं टोला के बाइस लोगों को बिजली विभाग ने आठ हजार रुपये से लेकर पन्द्रह हजार रुपये तक बिजली बिल भेजा है. बिल मिलने पर गांव के लोग भौचक हैं.और वे तत्काल जिलापरिषद सदस्या कविता दुबे के पास गए और अपनी ब्यथा कही.
इस बारे में रामब्रत यादव, कुँवर यादव, जनी यादव, जनेस्वर यादव, हरहँगी यादव, बिगन यादव,एवं धुनराज यादव सहित कई लोगों का कहना है कि जनवरी2012में उन लोगों का ट्रांसफॉर्मर जल गया था. और कई महीने गढ़वा बिजली विभाग के कार्यालय का चक्कर लगाने के बाद भी उनका ट्रांसफॉर्मर नही बदला गया. इसके बाद वे थक हारकर घर बैठ गए. इसके बाद स्थानीय जनप्रतिनिधि के कहने पर अगस्त2017में बिजली विभाग के ऑफिस गए,जहां उन्हें केवल ट्रांसफॉर्मर दे दिया गया. वे लोग अपने खर्चे पर उसे गांव लाये ,इसके बाद बिजली सप्लाई होने लगा. लेकिन जब बिजली विभाग से बिल आया तो ट्रांसफार्मर के खराब रहने की अवधि का बिल भी जोड़ दिया गया.जबकि बिजली आपूर्ति पूर्णरूपेण बाधित थी.बिजली नही देने के बाद भी विभाग द्वारा बिल भेजा जाना न्यायसंगत नही है. हम गरीब किसान ट्रांसफॉर्मर खराब  होने की अवधि का बिल की राशि देने में असमर्थ हैं.
जिला परिषद श्रीमति कविता दुबे ने लोगों की बातें ध्यान से सुनी और तत्काल बिजली विभाग के कार्यपालक अभियंता को पत्र लिखकर जांचोपरांत बिल में सुधार कराने की मांग की .

No comments:

Post a Comment