बुथ मैनेजमेंट व जातिय संगठनों को साधने में जुटे प्रत्याशी अध्यक्ष पद पर पिंकी, मणिमा में आमने-सामने की टक्कर उपाध्यक्ष पद पर मीरा, शमीम व बिनोद के बीच मुकाबले का आसार।



गढ़वा: सोमवार को सम्पन्न होनेवाले नगर निकाय चुनाव को ले आज सभी प्रत्याशियों द्वारा बुथ मैनेजमेंट से लेकर मतदाताओं को जातीय संगठनो के द्वारा अपने पक्ष में आकर्षित करने की जोड़-तोड़ चलती रही। इस दौरान अध्यक्ष, उपाध्यक्ष तथा वार्ड पार्षद तक के प्रत्याशियों ने अपना अन्तिम जोर लगाते हुए सर्वस्व न्योछावर करने की रणनीति पर काम करते देखे गये। इस क्रम में मनी पावर के इस्तेमाल की भी खुब चर्चा रही। कई प्रत्याषियों के द्वारा अपने वोट बचाने के लिए मतदाताओं के आसपास अपने समर्थकों की ड्यूटी लगाई गयी है ताकि उनका वोट दुसरे प्रत्याशियों द्वारा धनबल का प्रयोग कर प्रभावित नही किया जा सके। जहां तक चुनावी समीकरण का प्रश्न है, अध्यक्ष पद पर भाजपा प्रत्याशी पिंकी केशरी, राजद प्रत्याशी मणिमा नारायण या दुसरा कोई चुनाव में बाजी मारेगा, इसकी चर्चा चैक-चैराहों पर खुब चली। टंडवा में, भीतरी बाजार में, उंचरी में, सहिजना में तथा चिनिया रोड में कौन भारी पड़ेगा इसे लेकर चैक-चैराहों पर लोग बहस करते देखे गये। बहस के बीच से अध्यक्ष पद पर भाजपा प्रत्याशी पिंकी तथा राजद प्रत्याशी मणिमा नारायण के बीच कांटे के मुकाबले की चर्चा छिड़ रही। तर्क दिया जा रहा है कि उंचरी के सहारे मणिमा भारी पड़ रही हैं। वहीं टंड़वा व भीतरी बाजार में पिंकी का खिलता हुआ कमल निशान का जोर है। उपाध्यक्ष को लेकर भी नुक्कड़ों पर गर्मा गर्म बहस सुनने को मिला। इस पद पर मुकाबला त्रिकोणिय भाजपा की मीरा, राजद के शमीम तथा निर्दलिय बिनोद के बीच होने की बहसबाजी सुनी गयी। तर्क दिया गया भाजपा की मीरा ब्राहम्ण बनिया समीकरण से भारी पड़ रही हैं। वहीं राजद के शमीम भी मुस्लिम मतदाताओं के साथ-साथ क्षेत्रवाद नारे में टंडवा में बढ़त बनाये हुए है। निर्दलिय प्रत्याशी बिनोद जायसवाल उर्फ नेताजी के पक्ष मे तर्क दिया जा रहा है कि नेताजी को सभी इलाकों में समर्थन है। चैक चैराहों की बहसबाजी में कितना दम है यह कल के मतदान के बाद पता चलेगा। मगर गढ़वा नगर परिषद के चुनावी मुकाबले में जो घमासान छिड़ी हुई है, ऐसी कि इससे निपटने में तमाम दलों के प्रत्याषियों के पसीने छुुट रहे हैं।

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