कांडी: एक कहवत है कि मांता कुमाता हो नही सकती पर पुत कपुत भले निकले पर यह कहवत बिपरीत निकला एकविवस और लचार मां लोक लाज के कारण अपने ममता की आंचल के छाव से अपने नवजात बच्कोची को कांडी गांव के पूर्वी तालाब क्षेत्र के निकट शुक्रवार की शाम एक नवजात बच्ची का शव मिलने से सनसनी फैल गई. एक कुत्ते द्वारा नवजात के शव को अरहर के खेत से मुंह में दबाकर लाया जा रहा था. जिसे देख कर कुछ लोगों ने हल्ला किया. देखते ही देखते सैकड़ों लोगों की भीड़ जमा हो गई. कुत्ता बच्ची के शव को नोच रहा था और छिन्न-भिन्न कर दिया था. ग्रामीणों द्वारा किसी तरह डंडे से पीट कर कुत्ते को भगाया गया तथा तत्काल कांडी थाना को सूचना दिया.मौके पर पहुंचे कांडी थाना प्रभारी शौकत खान व एएसआई प्रभु प्रसाद ने ग्रामीणों की मदद से शव को निकट में ही जमीन में दफना दिया. सवाल यह उठता है कि आखिर शव कहां से आया. किसने यहां शव को फेंका. लोगों में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं. बताते चलें कि कांडी बाजार में वर्तमान में लगभग 2 दर्जन अवैध क्लीनिक व नर्सिंग होम संचालित किया जा रहा है. बिना सर्टिफिकेट व लाइसेंस के धड़ल्ले से रोज दर्जनों मरीजों का ऑपरेशन व प्रसूति कराया जा रहा है.
जहां अनुभवीहीनता हो तथा कोई सुविधा ना हो वैसे में जान जाना तो आम बात है. विगत वर्षों में कांडी के झोलाछाप डॉक्टरों ने कई लोगों की जान ले ली है. लिंग परीक्षण तथा एवोर्सन जो कानूनी अपराध है कैसे किया जा सकता है.सुदूर क्षेत्रों से आने वाले गरीब लोग पैसे के अभाव में यहां संचालित हो रहे क्लिनिको में इलाज कराने को मजबूर हैं.अखबारों व न्यूज़ चैनलों के माध्यम से कई बार यहां के झोलाछाप डॉक्टरों का गोरखधंधा को उजागर किया जा चुका है. किंतु उच्च पदाधिकारियों की मिलीभगत से आज तक यहां अवैध संचालित किसी भी क्लीनिक या नर्सिंग होम पर आज तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है.
जहां अनुभवीहीनता हो तथा कोई सुविधा ना हो वैसे में जान जाना तो आम बात है. विगत वर्षों में कांडी के झोलाछाप डॉक्टरों ने कई लोगों की जान ले ली है. लिंग परीक्षण तथा एवोर्सन जो कानूनी अपराध है कैसे किया जा सकता है.सुदूर क्षेत्रों से आने वाले गरीब लोग पैसे के अभाव में यहां संचालित हो रहे क्लिनिको में इलाज कराने को मजबूर हैं.अखबारों व न्यूज़ चैनलों के माध्यम से कई बार यहां के झोलाछाप डॉक्टरों का गोरखधंधा को उजागर किया जा चुका है. किंतु उच्च पदाधिकारियों की मिलीभगत से आज तक यहां अवैध संचालित किसी भी क्लीनिक या नर्सिंग होम पर आज तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है.

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