दुधारू गायों एवं मवेशियों को खुरहा एवं चपका रोगों का संक्रमण होने से पशुपालकों को काफ़ी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है

रंका :रंका प्रखंड के एक दर्जन से अधिक गांवों में दुधारू गायों एवं मवेशियों को खुरहा एवं चपका  रोगों का संक्रमण होने से पशुपालकों को काफ़ी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है पिछले एक पखवाड़े से रंका प्रखंड के कंचनपुर डाले रबदा मझिगावा, उन्हें कला, एवं उन्हें खुर्द, लुकुमबार, रंका खुरद, रंका तथा चिनिया प्रखंड के शिगसिगा कला, तथा बरवाडी गांव, समेत दर्जनभर से अधिक गांव में खुरहा एवं चप्का के संक्रमण होने से मवेशी ने खाना पीना छोड़ दिया है तथा काफी कमजोर हो चुके हैं जिससे दुधारू मधेशिया  दूध देना बंद कर दिया है इस बाबत दूध व्यवसाय से जुड़े राम लखन यादव, मंदीप यादव ,विजय यादव, विनोद यादव, शिवपूजन यादव, रामा तिवारी, पारसनाथ ओझा,  तथा शिवनाथे साव समेत अन्य पशुपालकों ने बताया कि  पिछले एक पखवाड़े खुरहा एवं चपका रोग होने के वजह से मवेशियों ने खाना पीना बंद कर दिया है काफी कमजोर हो चुके हैं  जिसके वजह से गायों दूध देना बंद कर दिया है सभी पशुपालक स्थानीय स्तर पर घरेलू नुस्खे अपनाकर मवेशियों को ठीक करने का प्रयास कर रहे हैं मगर उन्हें अपेक्षित सफलता नहीं मिल पा रही है आलम यह है कि कमजोरी की वजह से कई मवेशीयो की मौत हो चुकी है इस बाबत पशुपालन विभाग से जुड़े कर्मी ने बतलाया है कि खुरहा चपका होने की जानकारी मिली है पूर्व में कुछ गांव में इस बीमारी से बचाने के लिए वैक्सीनेशन किया गया था खुरहा चपका से ग्रसित मवेशियों के पैरों पर गर्म पानी डालने एवं धोने की सलाह दी गई है

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