एसपी के सड़क जाम के काफिले का वीडियो लेने के अरोप में अधिवक्ता की हुइ पिटाई


डीजे के हस्तक्षेप के बाद मेडिकल टीम के जांच से हुआ पिटाइ की पुष्टि,घायल अधिवक्ता रिम्स रेफर
गढ़वाः रंका मोड़ पर सड़क जाम के दौरान जाम में फंसे एम्बुलेंस के बजाए एसपी के काफिले को जाम से निकलवालने का पुलिस कर्मियों द्वारा किए जा प्रयाास का वीडियो लेना समाजिक कार्यकर्ता व अधिवक्ता अषिष कुमार दुबे के लिए महंगा साबित हुआ। आशीष को घटना के समय सोमवार की रात्री साढ़े आठ बजे ही एसपी मो0 अर्शी के बाॅडीगार्ड ने पहले मोबाइल लूटा फिर एसपी के आदेश पर गढ़वा थाना ले जाया गया जहां आशीष के साथ थ्रर्ड डिग्री का इस्तेमाल करते हुए रात भर पुलिस कर्मियों द्वारा पिटाइ किया गया।  ,सुबह बाउण्ड लिखवाकर थाना से छोड़ दिया गया। 
इस मामले पर गढ़वा जिला बार संघ  के माध्यम से चोटिल अधिवक्ता आशीष के द्वारा प्रधान गढ़वा जिला एवं  सत्र न्यायधीश तथा सीजीएम गढ़वा को आवेदन देकर इन्जुरी का मेडिकल जांच कराने तथा इलाज करवाते हुए न्याय दिलवाने का आवेदन दिया गया , जिसपर जिला एवं सत्र न्यायधिश ने संज्ञान लेते हुए उपायुक्त गढ़वा से इस मामले पर हस्तक्षेप करने को कहा , उपायुक्त डाॅ नेहा अरोड़ा ने मामले की गंभीरता को लेते हुए तत्काल मेडिकल टीम गठित कर पुलिस की पिटाइ से घायल आशीष की पिटाइ का वीडियो ग्राफी कर जांच कराने का आदेश गढ़वा के सदर एसडीओ प्रदीप कुमार को दिया , प्रदीप कुमार ने इस मामले में गढ़वा के सीओ बैद्यनाथ कामती को दंडाधिकारी नियुक्त कर विडीयोग्राफी कराते हुए तीन डॉक्टरों की मेडिकल टीम द्वारा मेडिकल जांच करवाकर आशीष के पेट में अंदरूनी चोट की पुष्टि करते हुए , घायल आशीष को इलाज के लिए रिम्स रांची रेफर कर दिया है।  मेडिकल टीम में डाॅ अमित , डाॅ जितेन्द्र तथा डाॅ अशोक शामिल थे , डाॅ अमित ने इस मामले में हमारे प्रतिनिधि को बताया कि आशीष को बाहर मामूली चोट थी मगर अंदर पेट में गंभीर अंदरूनी चोट थी , इसे देखते हुए बेहतर इलाज के लिए रांची रेफर कर दिया गया हैं। वैसे आशीष के शरीर पर पिटाइ के सैकड़ो नीला निशान पड़े हैं जिस देखकर अंदाज लगाया जा सकता है कि उनके साथ कितना मारपीट किया गया है। 
इधर इस मामले में पिटाइ से घायल अधिवक्ता आशीष ने आरोप लगाया है कि वाइपास सड़क के अभाव में सड़क जाम की समस्या को ले सड़क जाम का वीडियो बना रहा था , इसी क्रम में अचानक एसपी का बाडीगार्ड उससे मोबाइल लूटकर नाम पुछा तथा मारपीट करते एसपी के आदेश पर उसे थाना ले जाया गया , जहां पर रात भर उसकी पिटाइ की गयी , तथा सुबह सोशल मिडीया से साम्प्रदायिकता फैलाने के आरोप में थाना लाने का बाउण्ड भरवाने की दबाव पुलिस की ओर से दिया गया , जब वह नहीं तैयार हुए तो सड़क जाम का वीडियो लेने का बाउण्ड भरवाकर छोड दिया गया । आशीष के अनुसार उन्हें एसपी के द्वारा इसलिए टायरगेट कर पिटवाया गया कि उन्होंने चंदा देवी प्रकरण , अरसली  प्रकरण में अधिवक्ता तथा सामाजिक कार्यकर्ता  के रूप में प्रमुख भमिका निभाइ थी।  

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