बीस पंचायत के मुखिया ने सामुहिक रुप से आम सभा का बहिष्कार का लिया फैसला
मेराल/मझिआंव/कांडी/नगरउंटारी: प्रखण्ड के बीस पंचायत के मुखिया ने सामुहिक हो कर आम सभा का बहिष्कार करते हुए आम सभा में शामिल नही होने का फैसला किया। इस संबंध में बताया गया कि झारखण्ड के रघुबर सरकार के द्वारा ग्राम विकास समिति आदिवासी विकास समिति का प्रत्येक प्रखण्ड मे आम सभा चुनाव करने का निर्देश दिया गया था। इससे क्षुब्ध हो कर बीस पंचायत के मुखिया ने प्रखण्ड विकास पदाधिकारी राहुल कुमार को ज्ञापन देकर महामहिम राज्यपाल से मांग की हैं कि सभी पंचायत की मुखिया के मूल भावना को संवैधानिक अधिकारो की इस मांग पर गंभीरता पूर्ण विचार करें। मौके पर मेराल प्रखण्ड के मुखिया संग के अध्यक्ष दुखन चैधरी, मेराल पश्चिमी पंचायत के मुखिया सचिव देवी शरण, चामा पंचायत के मुखिया संघ के उपाध्यक्ष महबूब आदि सहित सभी पंचायत के मुखिया उपस्थित थे। जबकि मझिआंव प्रखंड कार्यालय के सामने एक सुत्री मांग के समर्थन में मुखिया संघ द्वारा एक दिवसीय धरना दिया गया। इसकी अध्यक्षता तलसबरिया पंचायत की मुखिया वीवी मशरून निशा द्वारा की गई। धरना सभा में मुखिया ने कहा कि सरकार का आदिवासी विकास समिति व ग्राम विकास समिति के चयन की प्रक्रिया जनहित में नही है। मुखिया संघ इसका ब्यापक पैमाने पर विरोध करेगी। मौके पर रजनी देवी, सुनैना देवी, सोना देवी, आदि उपस्थित थे। वहीं कांडी में झारखंड सरकार के ग्रामीण विकास विभाग के द्वारा जारी गावों में आदिवासी विकास ग्रामीण विकास समिति के गठन के फरमान के विरोध में कांडी प्रखंड मुखिया संघ ने प्रखंड कार्यालय पर एक दिवसीय धरना दिया। मौके पर कांडी प्रखंड मुखिया संघ की अध्यक्ष मीना देवी ने कहा कि इस तरह का फरमान किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेंगे। जरुरत पड़ी तो उग्र आंदोलन भी किया जा सकता है। मुखिया विनोद प्रसाद ने कहा कि ग्राम विकास समिति का गठन सिर्फ पंचायत में मुखिया के कार्यों की निगहबानी के लिए नहीं होना चाहिए। सभा को खुटहेरिया पंचायत की मुखिया अनिता देवी, पतीला पंचायत की मुखिया पूजा सिंह, गाड़ा खुर्द पंचायत की मुखिया आरती सिंह ने भी संबोधित किया। इस मौके पर आशा शर्मा, शहीना बीवी, संध्या देवी, रिंकी देवी, राजकली देवी, रंजू देवी, कृष्णा दास, योगेन्द्र राम, मुखिया प्रतिनिधि गुड्डू सिंह, अरुण सिंह, नीरज सिंह, विनोद राम आदि उपस्थित थे। जबकि नगरउंटारी ब्लॉक मोड़ के समीप गुरुवार को मुखिया संघ के द्वारा प्रखंड स्तरीय एक दिवसीय धरना दिया गया। धरना को संबोधित करते झाविमो उपाध्यक्ष सह पूर्व मंत्री रामचंद्र केशरी ने कहा कि पंचायत के अधिकारों में हस्तक्षेप व् पंचायतों को पूर्ण अधिकार देने की मांग को लेकर मुखिया संघ के द्वारा दिया जा रहा धरना सरकार क खिलाफ साहसिक कदम है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में आदिवासी विकास समिति व् ग्राम विकास समिति गठन होने जा रहा है। इससे पंचायत के अधिकारों में कटौती हो जाएगी। इधर धरना को संबोधित करते हुए सोहन उरांव ने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार द्वारा राशि खर्च एवं जन कल्याणकारी योजना संबंधित कोई दिशा निर्देश नहीं दिया जाता। बावजूद सारा आरोप प्रत्यारोप मुखिया पर लगाया जाता है। सरकार की कोई स्पष्ट नीति नहीं है। पंचायतों के विकास में सभी प्रतिनिधि लगे रहते हैं परंतु नियमों की जानकारी सरकार नहीं देती। मौके पर मुखिया सत्यावती देवी, संगीता श्रीवास्तव, उषा देवी, पंकज प्रताप देव सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे।


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